بِسْمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحْمَٰنِ ٱلرَّحِيمِ
अल्लाह के नाम से जो बड़ा कृपालु और अत्यन्त दयावान हैं।
سُورَةُ ٱلْفَاتِحَةِ
पाँचों दैनिक नमाज़ों की हर रकअत में पढ़ी जाने वाली यह सूरह “क़ुरआन की माँ” कहलाती है और बंदे तथा ख़ुदा के बीच सीधे संवाद के रूप में पढ़ी जाती है।
بِسْمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحْمَٰنِ ٱلرَّحِيمِ
अल्लाह के नाम से जो बड़ा कृपालु और अत्यन्त दयावान हैं।
ٱلْحَمْدُ لِلَّهِ رَبِّ ٱلْعَٰلَمِينَ
प्रशंसा अल्लाह ही के लिए हैं जो सारे संसार का रब हैं
ٱلرَّحْمَٰنِ ٱلرَّحِيمِ
बड़ा कृपालु, अत्यन्त दयावान हैं
مَٰلِكِ يَوْمِ ٱلدِّينِ
बदला दिए जाने के दिन का मालिक हैं
إِيَّاكَ نَعْبُدُ وَإِيَّاكَ نَسْتَعِينُ
हम तेरी बन्दगी करते हैं और तुझी से मदद माँगते हैं
ٱهْدِنَا ٱلصِّرَٰطَ ٱلْمُسْتَقِيمَ
हमें सीधे मार्ग पर चला
صِرَٰطَ ٱلَّذِينَ أَنْعَمْتَ عَلَيْهِمْ غَيْرِ ٱلْمَغْضُوبِ عَلَيْهِمْ وَلَا ٱلضَّآلِّينَ
उन लोगों के मार्ग पर जो तेरे कृपापात्र हुए, जो न प्रकोप के भागी हुए और न पथभ्रष्ट