سُورَةُ القَارِعَةِ

Al-Qaari'aमहाविपत्ति

मक्की
11 आयतें~2 मिनट

क़यामत के दिन को “खड़खड़ाने वाली आफ़त” नाम देती है और हर जीवन को तराज़ू पर तौलती है — नेकी से भारी, या घातक रूप से हल्का।

بِسْمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحْمَٰنِ ٱلرَّحِيمِ

101:1

بِسْمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحْمَٰنِ ٱلرَّحِيمِ ٱلْقَارِعَةُ

101:2

مَا ٱلْقَارِعَةُ

101:3

وَمَآ أَدْرَىٰكَ مَا ٱلْقَارِعَةُ

101:4

يَوْمَ يَكُونُ ٱلنَّاسُ كَٱلْفَرَاشِ ٱلْمَبْثُوثِ

101:5

وَتَكُونُ ٱلْجِبَالُ كَٱلْعِهْنِ ٱلْمَنفُوشِ

101:6

فَأَمَّا مَن ثَقُلَتْ مَوَٰزِينُهُۥ

101:7

فَهُوَ فِى عِيشَةٍۢ رَّاضِيَةٍۢ

101:8

وَأَمَّا مَنْ خَفَّتْ مَوَٰزِينُهُۥ

101:9

فَأُمُّهُۥ هَاوِيَةٌۭ

101:10

وَمَآ أَدْرَىٰكَ مَا هِيَهْ

101:11

نَارٌ حَامِيَةٌۢ

सूरह Al-Qaari'a के बारे में

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सूरह Al-Qaari'a में कितनी आयतें हैं?
सूरह Al-Qaari'a (महाविपत्ति) कुरान का अध्याय 101 है और इसमें 11 आयतें हैं।
क्या सूरह Al-Qaari'a मक्का में या मदीना में अवतरित हुई थी?
सूरह Al-Qaari'a एक मक्की सूरह है — कुरान का 101वाँ अध्याय।
सूरह Al-Qaari'a किस बारे में है?
क़यामत के दिन को “खड़खड़ाने वाली आफ़त” नाम देती है और हर जीवन को तराज़ू पर तौलती है — नेकी से भारी, या घातक रूप से हल्का।