سُورَةُ التَّكَاثُرِ

At-Takaathurहोड़

मक्की
8 आयतें~2 मिनट

अधिक से अधिक ढेर लगाते जाने की अंतहीन होड़ की निंदा करती है, एक ऐसी भटकन जो “क़ब्रों तक पहुँच जाने” तक बनी रहती है ()।

بِسْمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحْمَٰنِ ٱلرَّحِيمِ

102:1

بِسْمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحْمَٰنِ ٱلرَّحِيمِ أَلْهَىٰكُمُ ٱلتَّكَاثُرُ

तुम्हें एक-दूसरे के मुक़ाबले में बहुतायत के प्रदर्शन और घमंड ने ग़फ़़लत में डाल रखा है,

102:2

حَتَّىٰ زُرْتُمُ ٱلْمَقَابِرَ

यहाँ तक कि तुम क़ब्रिस्तानों में पहुँच गए

102:3

كَلَّا سَوْفَ تَعْلَمُونَ

कुछ नहीं, तुम शीघ्र ही जान लोगे

102:4

ثُمَّ كَلَّا سَوْفَ تَعْلَمُونَ

फिर, कुछ नहीं, तुम्हें शीघ्र ही मालूम हो जाएगा -

102:5

كَلَّا لَوْ تَعْلَمُونَ عِلْمَ ٱلْيَقِينِ

कुछ नहीं, अगर तुम विश्वसनीय ज्ञान के रूप में जान लो! (तो तुम धन-दौलत के पुजारी न बनो) -

102:6

لَتَرَوُنَّ ٱلْجَحِيمَ

अवश्य ही तुम भड़कती आग से दो-चार होगे

102:7

ثُمَّ لَتَرَوُنَّهَا عَيْنَ ٱلْيَقِينِ

फिर सुनो, उसे अवश्य देखोगे इस दशा में कि वह यथावत विश्वास होगा

102:8

ثُمَّ لَتُسْـَٔلُنَّ يَوْمَئِذٍ عَنِ ٱلنَّعِيمِ

फिर निश्चय ही उस दिन तुमसे नेमतों के बारे में पूछा जाएगा

सूरह At-Takaathur के बारे में

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सूरह At-Takaathur में कितनी आयतें हैं?
सूरह At-Takaathur (होड़) कुरान का अध्याय 102 है और इसमें 8 आयतें हैं।
क्या सूरह At-Takaathur मक्का में या मदीना में अवतरित हुई थी?
सूरह At-Takaathur एक मक्की सूरह है, कुरान का 102वाँ अध्याय।
सूरह At-Takaathur किस बारे में है?
अधिक से अधिक ढेर लगाते जाने की अंतहीन होड़ की निंदा करती है, एक ऐसी भटकन जो “क़ब्रों तक पहुँच जाने” तक बनी रहती है (102:1–2)।