سُورَةُ العَصۡرِ

Al-Asrअस्त होता दिन, युग

मक्की
3 आयतें~1 मिनट

मात्र तीन आयतों की, फिर भी अल-शाफ़िई ने कहा कि यदि लोग सिर्फ़ इसी सूरह पर ग़ौर करें तो यह उनके लिए काफ़ी होगी।

بِسْمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحْمَٰنِ ٱلرَّحِيمِ

103:1

بِسْمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحْمَٰنِ ٱلرَّحِيمِ وَٱلْعَصْرِ

गवाह है गुज़रता समय,

103:2

إِنَّ ٱلْإِنسَٰنَ لَفِى خُسْرٍ

कि वास्तव में मनुष्य घाटे में है,

103:3

إِلَّا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ وَعَمِلُوا۟ ٱلصَّٰلِحَٰتِ وَتَوَاصَوْا۟ بِٱلْحَقِّ وَتَوَاصَوْا۟ بِٱلصَّبْرِ

सिवाय उन लोगों के जो ईमान लाए और अच्छे कर्म किए और एक-दूसरे को हक़ की ताकीद की, और एक-दूसरे को धैर्य की ताकीद की

सूरह Al-Asr के बारे में

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सूरह Al-Asr में कितनी आयतें हैं?
सूरह Al-Asr (अस्त होता दिन, युग) कुरान का अध्याय 103 है और इसमें 3 आयतें हैं।
क्या सूरह Al-Asr मक्का में या मदीना में अवतरित हुई थी?
सूरह Al-Asr एक मक्की सूरह है, कुरान का 103वाँ अध्याय।
सूरह Al-Asr किस बारे में है?
मात्र तीन आयतों की, फिर भी अल-शाफ़िई ने कहा कि यदि लोग सिर्फ़ इसी सूरह पर ग़ौर करें तो यह उनके लिए काफ़ी होगी।