بِسْمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحْمَٰنِ ٱلرَّحِيمِ أَلَمْ تَرَ كَيْفَ فَعَلَ رَبُّكَ بِأَصْحَٰبِ ٱلْفِيلِ
سُورَةُ الفِيلِ
Al-Filहाथी
मक्की
5 आयतें~1 मिनटनबी के जन्म के वर्ष की याद दिलाती है, जब ख़ुदा ने अबरहा की सेना और उसके युद्ध-हाथी को पक्षियों के झुंडों से काबा से पीछे धकेल दिया।
بِسْمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحْمَٰنِ ٱلرَّحِيمِ
أَلَمْ يَجْعَلْ كَيْدَهُمْ فِى تَضْلِيلٍۢ
وَأَرْسَلَ عَلَيْهِمْ طَيْرًا أَبَابِيلَ
تَرْمِيهِم بِحِجَارَةٍۢ مِّن سِجِّيلٍۢ
فَجَعَلَهُمْ كَعَصْفٍۢ مَّأْكُولٍۭ
सूरह Al-Fil के बारे में
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- सूरह Al-Fil में कितनी आयतें हैं?
- सूरह Al-Fil (हाथी) कुरान का अध्याय 105 है और इसमें 5 आयतें हैं।
- क्या सूरह Al-Fil मक्का में या मदीना में अवतरित हुई थी?
- सूरह Al-Fil एक मक्की सूरह है — कुरान का 105वाँ अध्याय।
- सूरह Al-Fil किस बारे में है?
- नबी के जन्म के वर्ष की याद दिलाती है, जब ख़ुदा ने अबरहा की सेना और उसके युद्ध-हाथी को पक्षियों के झुंडों से काबा से पीछे धकेल दिया।