بِسْمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحْمَٰنِ ٱلرَّحِيمِ أَرَءَيْتَ ٱلَّذِى يُكَذِّبُ بِٱلدِّينِ
क्या तुमने उसे देखा जो दीन को झुठलाता है?
سُورَةُ المَاعُونِ
घोषित करती है कि जो अनाथ को झिड़कता है और छोटी-छोटी मेहरबानियाँ तक रोकता है, उसने हक़ीक़त में दीन को झुठला दिया।
بِسْمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحْمَٰنِ ٱلرَّحِيمِ
بِسْمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحْمَٰنِ ٱلرَّحِيمِ أَرَءَيْتَ ٱلَّذِى يُكَذِّبُ بِٱلدِّينِ
क्या तुमने उसे देखा जो दीन को झुठलाता है?
فَذَٰلِكَ ٱلَّذِى يَدُعُّ ٱلْيَتِيمَ
वही तो है जो अनाथ को धक्के देता है,
وَلَا يَحُضُّ عَلَىٰ طَعَامِ ٱلْمِسْكِينِ
और मुहताज के खिलाने पर नहीं उकसाता
فَوَيْلٌۭ لِّلْمُصَلِّينَ
अतः तबाही है उन नमाज़ियों के लिए,
ٱلَّذِينَ هُمْ عَن صَلَاتِهِمْ سَاهُونَ
जो अपनी नमाज़ से ग़ाफिल (असावधान) हैं,
ٱلَّذِينَ هُمْ يُرَآءُونَ
जो दिखावे के लिए कार्य करते हैं,
وَيَمْنَعُونَ ٱلْمَاعُونَ
और साधारण बरतने की चीज़ भी किसी को नहीं देते