بِسْمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحْمَٰنِ ٱلرَّحِيمِ قُلْ يَٰٓأَيُّهَا ٱلْكَٰفِرُونَ
سُورَةُ الكَافِرُونَ
Al-Kaafiroonकाफ़िर
मक्की
6 आयतें~1 मिनटधार्मिक भिन्नता की एक स्पष्ट घोषणा जो इस तरह समाप्त होती है, “तुम्हारे लिए तुम्हारा दीन, और मेरे लिए मेरा।”
بِسْمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحْمَٰنِ ٱلرَّحِيمِ
لَآ أَعْبُدُ مَا تَعْبُدُونَ
وَلَآ أَنتُمْ عَٰبِدُونَ مَآ أَعْبُدُ
وَلَآ أَنَا۠ عَابِدٌۭ مَّا عَبَدتُّمْ
وَلَآ أَنتُمْ عَٰبِدُونَ مَآ أَعْبُدُ
لَكُمْ دِينُكُمْ وَلِىَ دِينِ
सूरह Al-Kaafiroon के बारे में
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- सूरह Al-Kaafiroon में कितनी आयतें हैं?
- सूरह Al-Kaafiroon (काफ़िर) कुरान का अध्याय 109 है और इसमें 6 आयतें हैं।
- क्या सूरह Al-Kaafiroon मक्का में या मदीना में अवतरित हुई थी?
- सूरह Al-Kaafiroon एक मक्की सूरह है — कुरान का 109वाँ अध्याय।
- सूरह Al-Kaafiroon किस बारे में है?
- धार्मिक भिन्नता की एक स्पष्ट घोषणा जो इस तरह समाप्त होती है, “तुम्हारे लिए तुम्हारा दीन, और मेरे लिए मेरा।”