سُورَةُ النَّصۡرِ

An-Nasrईश्वरीय सहायता

मदनी
3 आयतें~1 मिनट

व्यापक रूप से माना जाता है कि यह उतरी आख़िरी पूरी सूरह है, जो लोगों के झुंडों में ख़ुदा के दीन में दाख़िल होने की भविष्यवाणी करती है।

بِسْمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحْمَٰنِ ٱلرَّحِيمِ

110:1

بِسْمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحْمَٰنِ ٱلرَّحِيمِ إِذَا جَآءَ نَصْرُ ٱللَّهِ وَٱلْفَتْحُ

110:2

وَرَأَيْتَ ٱلنَّاسَ يَدْخُلُونَ فِى دِينِ ٱللَّهِ أَفْوَاجًۭا

110:3

فَسَبِّحْ بِحَمْدِ رَبِّكَ وَٱسْتَغْفِرْهُ ۚ إِنَّهُۥ كَانَ تَوَّابًۢا

सूरह An-Nasr के बारे में

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सूरह An-Nasr में कितनी आयतें हैं?
सूरह An-Nasr (ईश्वरीय सहायता) कुरान का अध्याय 110 है और इसमें 3 आयतें हैं।
क्या सूरह An-Nasr मक्का में या मदीना में अवतरित हुई थी?
सूरह An-Nasr एक मदनी सूरह है — कुरान का 110वाँ अध्याय।
सूरह An-Nasr किस बारे में है?
व्यापक रूप से माना जाता है कि यह उतरी आख़िरी पूरी सूरह है, जो लोगों के झुंडों में ख़ुदा के दीन में दाख़िल होने की भविष्यवाणी करती है।