سُورَةُ الصَّافَّاتِ

As-Saaffaatपंक्तियों में खड़े हुए

मक्की
182 आयतें~36 मिनट

क़तार दर क़तार पंक्तिबद्ध फ़रिश्तों से शुरू होती है और इब्राहीम की अपने बेटे की क़ुर्बानी के लिए तत्परता का वर्णन करती है।

بِسْمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحْمَٰنِ ٱلرَّحِيمِ

37:1

بِسْمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحْمَٰنِ ٱلرَّحِيمِ وَٱلصَّٰٓفَّٰتِ صَفًّۭا

गवाह है परा जमाकर पंक्तिबद्ध होनेवाले;

37:2

فَٱلزَّٰجِرَٰتِ زَجْرًۭا

फिर डाँटनेवाले;

37:3

فَٱلتَّٰلِيَٰتِ ذِكْرًا

फिर यह ज़िक्र करनेवाले

37:4

إِنَّ إِلَٰهَكُمْ لَوَٰحِدٌۭ

कि तुम्हारा पूज्य-प्रभु अकेला है।

37:5

رَّبُّ ٱلسَّمَٰوَٰتِ وَٱلْأَرْضِ وَمَا بَيْنَهُمَا وَرَبُّ ٱلْمَشَٰرِقِ

वह आकाशों और धरती और जो कुछ उनके बीच है सबका रब है और पूर्व दिशाओं का भी रब है

37:6

إِنَّا زَيَّنَّا ٱلسَّمَآءَ ٱلدُّنْيَا بِزِينَةٍ ٱلْكَوَاكِبِ

हमने दुनिया के आकाश को सजावट अर्थात तारों से सुसज्जित किया, (रात में मुसाफ़िरों को मार्ग दिखाने के लिए)

37:7

وَحِفْظًۭا مِّن كُلِّ شَيْطَٰنٍۢ مَّارِدٍۢ

और प्रत्येक सरकश शैतान से सुरक्षित रखने के लिए

37:8

لَّا يَسَّمَّعُونَ إِلَى ٱلْمَلَإِ ٱلْأَعْلَىٰ وَيُقْذَفُونَ مِن كُلِّ جَانِبٍۢ

वे (शैतान) "मलए आला" की ओर कान नहीं लगा पाते और हर ओर से फेंक मारे जाते है भगाने-धुतकारने के लिए।

37:9

دُحُورًۭا ۖ وَلَهُمْ عَذَابٌۭ وَاصِبٌ

और उनके लिए अनवरत यातना है

37:10

إِلَّا مَنْ خَطِفَ ٱلْخَطْفَةَ فَأَتْبَعَهُۥ شِهَابٌۭ ثَاقِبٌۭ

किन्तु यह और बात है कि कोई कुछ उचक ले, इस दशा में एक तेज़ दहकती उल्का उसका पीछा करती है

37:11

فَٱسْتَفْتِهِمْ أَهُمْ أَشَدُّ خَلْقًا أَم مَّنْ خَلَقْنَآ ۚ إِنَّا خَلَقْنَٰهُم مِّن طِينٍۢ لَّازِبٍۭ

अब उनके पूछो कि उनके पैदा करने का काम अधिक कठिन है या उन चीज़ों का, जो हमने पैदा कर रखी है। निस्संदेह हमने उनको लेसकर मिट्टी से पैदा किया।

37:12

بَلْ عَجِبْتَ وَيَسْخَرُونَ

बल्कि तुम तो आश्चर्य में हो और वे है कि परिहास कर रहे है

37:13

وَإِذَا ذُكِّرُوا۟ لَا يَذْكُرُونَ

और जब उन्हें याद दिलाया जाता है, तो वे याद नहीं करते,

37:14

وَإِذَا رَأَوْا۟ ءَايَةًۭ يَسْتَسْخِرُونَ

और जब कोई निशानी देखते है तो हँसी उड़ाते है

37:15

وَقَالُوٓا۟ إِنْ هَٰذَآ إِلَّا سِحْرٌۭ مُّبِينٌ

और कहते है, "यह तो बस एक प्रत्यक्ष जादू है

37:16

أَءِذَا مِتْنَا وَكُنَّا تُرَابًۭا وَعِظَٰمًا أَءِنَّا لَمَبْعُوثُونَ

क्या जब हम मर चुके होंगे और मिट्टी और हड्डियाँ होकर रह जाएँगे, तो क्या फिर हम उठाए जाएँगे?

37:17

أَوَءَابَآؤُنَا ٱلْأَوَّلُونَ

क्या और हमारे पहले के बाप-दादा भी?"

37:18

قُلْ نَعَمْ وَأَنتُمْ دَٰخِرُونَ

कह दो, "हाँ! और तुम अपमानित भी होंगे।"

37:19

فَإِنَّمَا هِىَ زَجْرَةٌۭ وَٰحِدَةٌۭ فَإِذَا هُمْ يَنظُرُونَ

वह तो बस एक झिड़की होगी। फिर क्या देखेंगे कि वे ताकने लगे है

37:20

وَقَالُوا۟ يَٰوَيْلَنَا هَٰذَا يَوْمُ ٱلدِّينِ

और वे कहेंगे, "ऐ अफ़सोस हमपर! यह तो बदले का दिन है।"

37:21

هَٰذَا يَوْمُ ٱلْفَصْلِ ٱلَّذِى كُنتُم بِهِۦ تُكَذِّبُونَ

यह वही फ़ैसले का दिन है जिसे तुम झुठलाते रहे हो

37:22

۞ ٱحْشُرُوا۟ ٱلَّذِينَ ظَلَمُوا۟ وَأَزْوَٰجَهُمْ وَمَا كَانُوا۟ يَعْبُدُونَ

(कहा जाएगा) "एकत्र करो उन लोगों को जिन्होंने ज़ुल्म किया और उनके जोड़ीदारों को भी और उनको भी जिनकी अल्लाह से हटकर वे बन्दगी करते रहे है।

37:23

مِن دُونِ ٱللَّهِ فَٱهْدُوهُمْ إِلَىٰ صِرَٰطِ ٱلْجَحِيمِ

फिर उन सबको भड़कती हुई आग की राह दिखाओ!"

37:24

وَقِفُوهُمْ ۖ إِنَّهُم مَّسْـُٔولُونَ

और तनिक उन्हें ठहराओ, उनसे पूछना है,

37:25

مَا لَكُمْ لَا تَنَاصَرُونَ

"तुम्हें क्या हो गया, जो तुम एक-दूसरे की सहायता नहीं कर रहे हो?"

37:26

بَلْ هُمُ ٱلْيَوْمَ مُسْتَسْلِمُونَ

बल्कि वे तो आज बड़े आज्ञाकारी हो गए है

37:27

وَأَقْبَلَ بَعْضُهُمْ عَلَىٰ بَعْضٍۢ يَتَسَآءَلُونَ

वे एक-दूसरे की ओर रुख़ करके पूछते हुए कहेंगे,

37:28

قَالُوٓا۟ إِنَّكُمْ كُنتُمْ تَأْتُونَنَا عَنِ ٱلْيَمِينِ

"तुम तो हमारे पास आते थे दाहिने से (और बाएँ से)"

37:29

قَالُوا۟ بَل لَّمْ تَكُونُوا۟ مُؤْمِنِينَ

वे कहेंगे, "नहीं, बल्कि तुम स्वयं ही ईमानवाले न थे

37:30

وَمَا كَانَ لَنَا عَلَيْكُم مِّن سُلْطَٰنٍۭ ۖ بَلْ كُنتُمْ قَوْمًۭا طَٰغِينَ

और हमारा तो तुमपर कोई ज़ोर न था, बल्कि तुम स्वयं ही सरकश लोग थे

37:31

فَحَقَّ عَلَيْنَا قَوْلُ رَبِّنَآ ۖ إِنَّا لَذَآئِقُونَ

अन्ततः हमपर हमारे रब की बात सत्यापित होकर रही। निस्संदेह हमें (अपनी करतूत का) मजा़ चखना ही होगा

37:32

فَأَغْوَيْنَٰكُمْ إِنَّا كُنَّا غَٰوِينَ

सो हमने तुम्हे बहकाया। निश्चय ही हम स्वयं बहके हुए थे।"

37:33

فَإِنَّهُمْ يَوْمَئِذٍۢ فِى ٱلْعَذَابِ مُشْتَرِكُونَ

अतः वे सब उस दिन यातना में एक-दूसरे के सह-भागी होंगे

37:34

إِنَّا كَذَٰلِكَ نَفْعَلُ بِٱلْمُجْرِمِينَ

हम अपराधियों के साथ ऐसा ही किया करते है

37:35

إِنَّهُمْ كَانُوٓا۟ إِذَا قِيلَ لَهُمْ لَآ إِلَٰهَ إِلَّا ٱللَّهُ يَسْتَكْبِرُونَ

उनका हाल यह था कि जब उनसे कहा जाता कि "अल्लाह के सिवा कोई पूज्य-प्रभु नहीं हैं।" तो वे घमंड में आ जाते थे

37:36

وَيَقُولُونَ أَئِنَّا لَتَارِكُوٓا۟ ءَالِهَتِنَا لِشَاعِرٍۢ مَّجْنُونٍۭ

और कहते थे, "क्या हम एक उन्मादी कवि के लिए अपने उपास्यों को छोड़ दें?"

37:37

بَلْ جَآءَ بِٱلْحَقِّ وَصَدَّقَ ٱلْمُرْسَلِينَ

"नहीं, बल्कि वह सत्य लेकर आया है और वह (पिछले) रसूलों की पुष्टि॥ में है।

37:38

إِنَّكُمْ لَذَآئِقُوا۟ ٱلْعَذَابِ ٱلْأَلِيمِ

निश्चय ही तुम दुखद यातना का मज़ा चखोगे। -

37:39

وَمَا تُجْزَوْنَ إِلَّا مَا كُنتُمْ تَعْمَلُونَ

"तुम बदला वही तो पाओगे जो तुम करते हो।"

37:40

إِلَّا عِبَادَ ٱللَّهِ ٱلْمُخْلَصِينَ

अलबत्ता अल्लाह के उन बन्दों की बात और है, जिनको उसने चुन लिया है

37:41

أُو۟لَٰٓئِكَ لَهُمْ رِزْقٌۭ مَّعْلُومٌۭ

वही लोग है जिनके लिए जानी-बूझी रोज़ी है,

37:42

فَوَٰكِهُ ۖ وَهُم مُّكْرَمُونَ

स्वादिष्ट फल।

37:43

فِى جَنَّٰتِ ٱلنَّعِيمِ

और वे नेमत भरी जन्नतों

37:44

عَلَىٰ سُرُرٍۢ مُّتَقَٰبِلِينَ

में सम्मानपूर्वक होंगे, तख़्तों पर आमने-सामने विराजमान होंगे;

37:45

يُطَافُ عَلَيْهِم بِكَأْسٍۢ مِّن مَّعِينٍۭ

उनके बीच विशुद्ध पेय का पात्र फिराया जाएगा,

37:46

بَيْضَآءَ لَذَّةٍۢ لِّلشَّٰرِبِينَ

बिलकुल साफ़, उज्जवल, पीनेवालों के लिए सर्वथा सुस्वादु

37:47

لَا فِيهَا غَوْلٌۭ وَلَا هُمْ عَنْهَا يُنزَفُونَ

न उसमें कोई ख़ुमार होगा और न वे उससे निढाल और मदहोश होंगे।

37:48

وَعِندَهُمْ قَٰصِرَٰتُ ٱلطَّرْفِ عِينٌۭ

और उनके पास निगाहें बचाए रखनेवाली, सुन्दर आँखोंवाली स्त्रियाँ होंगी,

37:49

كَأَنَّهُنَّ بَيْضٌۭ مَّكْنُونٌۭ

मानो वे सुरक्षित अंडे है

37:50

فَأَقْبَلَ بَعْضُهُمْ عَلَىٰ بَعْضٍۢ يَتَسَآءَلُونَ

फिर वे एक-दूसरे की ओर रुख़ करके आपस में पूछेंगे

37:51

قَالَ قَآئِلٌۭ مِّنْهُمْ إِنِّى كَانَ لِى قَرِينٌۭ

उनमें से एक कहनेवाला कहेगा, "मेरा एक साथी था;

37:52

يَقُولُ أَءِنَّكَ لَمِنَ ٱلْمُصَدِّقِينَ

जो कहा करता था क्या तुम भी पुष्टि करनेवालों में से हो?

37:53

أَءِذَا مِتْنَا وَكُنَّا تُرَابًۭا وَعِظَٰمًا أَءِنَّا لَمَدِينُونَ

क्या जब हम मर चुके होंगे और मिट्टी और हड्डियाँ होकर रह जाएँगे, तो क्या हम वास्तव में बदला पाएँगे?"

37:54

قَالَ هَلْ أَنتُم مُّطَّلِعُونَ

वह कहेगा, "क्या तुम झाँककर देखोगे?"

37:55

فَٱطَّلَعَ فَرَءَاهُ فِى سَوَآءِ ٱلْجَحِيمِ

फिर वह झाँकेगा तो उसे भड़कती हुई आग के बीच में देखेगा

37:56

قَالَ تَٱللَّهِ إِن كِدتَّ لَتُرْدِينِ

कहेगा, "अल्लाह की क़सम! तुम तो मुझे तबाह ही करने को थे

37:57

وَلَوْلَا نِعْمَةُ رَبِّى لَكُنتُ مِنَ ٱلْمُحْضَرِينَ

यदि मेरे रब की अनुकम्पा न होती तो अवश्य ही मैं भी पकड़कर हाज़िर किए गए लोगों में से होता

37:58

أَفَمَا نَحْنُ بِمَيِّتِينَ

है ना अब ऐसा कि हम मरने के नहीं।

37:59

إِلَّا مَوْتَتَنَا ٱلْأُولَىٰ وَمَا نَحْنُ بِمُعَذَّبِينَ

हमें जो मृत्यु आनी थी वह बस पहले आ चुकी। और हमें कोई यातना ही दी जाएगी!"

37:60

إِنَّ هَٰذَا لَهُوَ ٱلْفَوْزُ ٱلْعَظِيمُ

निश्चय ही यही बड़ी सफलता है

37:61

لِمِثْلِ هَٰذَا فَلْيَعْمَلِ ٱلْعَٰمِلُونَ

ऐसी की चीज़ के लिए कर्म करनेवालों को कर्म करना चाहिए

37:62

أَذَٰلِكَ خَيْرٌۭ نُّزُلًا أَمْ شَجَرَةُ ٱلزَّقُّومِ

क्या वह आतिथ्य अच्छा है या 'ज़क़्क़ूम' का वृक्ष?

37:63

إِنَّا جَعَلْنَٰهَا فِتْنَةًۭ لِّلظَّٰلِمِينَ

निश्चय ही हमने उस (वृक्ष) को ज़ालिमों के लिए परीक्षा बना दिया है

37:64

إِنَّهَا شَجَرَةٌۭ تَخْرُجُ فِىٓ أَصْلِ ٱلْجَحِيمِ

वह एक वृक्ष है जो भड़कती हुई आग की तह से निकलता है

37:65

طَلْعُهَا كَأَنَّهُۥ رُءُوسُ ٱلشَّيَٰطِينِ

उसके गाभे मानो शैतानों के सिर (साँपों के फन) है

37:66

فَإِنَّهُمْ لَءَاكِلُونَ مِنْهَا فَمَالِـُٔونَ مِنْهَا ٱلْبُطُونَ

तो वे उसे खाएँगे और उसी से पेट भरेंगे

37:67

ثُمَّ إِنَّ لَهُمْ عَلَيْهَا لَشَوْبًۭا مِّنْ حَمِيمٍۢ

फिर उनके लिए उसपर खौलते हुए पानी का मिश्रण होगा

37:68

ثُمَّ إِنَّ مَرْجِعَهُمْ لَإِلَى ٱلْجَحِيمِ

फिर उनकी वापसी भड़कती हुई आग की ओर होगी

37:69

إِنَّهُمْ أَلْفَوْا۟ ءَابَآءَهُمْ ضَآلِّينَ

निश्चय ही उन्होंने अपने बाप-दादा को पथभ्रष्ट॥ पाया।

37:70

فَهُمْ عَلَىٰٓ ءَاثَٰرِهِمْ يُهْرَعُونَ

फिर वे उन्हीं के पद-चिन्हों पर दौड़ते रहे

37:71

وَلَقَدْ ضَلَّ قَبْلَهُمْ أَكْثَرُ ٱلْأَوَّلِينَ

और उनसे पहले भी पूर्ववर्ती लोगों में अधिकांश पथभ्रष्ट हो चुके है,

37:72

وَلَقَدْ أَرْسَلْنَا فِيهِم مُّنذِرِينَ

हमने उनमें सचेत करनेवाले भेजे थे।

37:73

فَٱنظُرْ كَيْفَ كَانَ عَٰقِبَةُ ٱلْمُنذَرِينَ

तो अब देख लो उन लोगों का कैसा परिणाम हुआ, जिन्हे सचेत किया गया था

37:74

إِلَّا عِبَادَ ٱللَّهِ ٱلْمُخْلَصِينَ

अलबत्ता अल्लाह के बन्दों की बात और है, जिनको उसने चुन लिया है

37:75

وَلَقَدْ نَادَىٰنَا نُوحٌۭ فَلَنِعْمَ ٱلْمُجِيبُونَ

नूह ने हमको पुकारा था, तो हम कैसे अच्छे है निवेदन स्वीकार करनेवाले!

37:76

وَنَجَّيْنَٰهُ وَأَهْلَهُۥ مِنَ ٱلْكَرْبِ ٱلْعَظِيمِ

हमने उसे और उसके लोगों को बड़ी घुटन और बेचैनी से छुटकारा दिया

37:77

وَجَعَلْنَا ذُرِّيَّتَهُۥ هُمُ ٱلْبَاقِينَ

और हमने उसकी सतति (औलाद व अनुयायी) ही को बाक़ी रखा

37:78

وَتَرَكْنَا عَلَيْهِ فِى ٱلْءَاخِرِينَ

और हमने पीछे आनेवाली नस्लों में उसका अच्छा ज़िक्र छोड़ा

37:79

سَلَٰمٌ عَلَىٰ نُوحٍۢ فِى ٱلْعَٰلَمِينَ

कि "सलाम है नूह पर सम्पूर्ण संसारवालों में!"

37:80

إِنَّا كَذَٰلِكَ نَجْزِى ٱلْمُحْسِنِينَ

निस्संदेह हम उत्तमकारों को ऐसा बदला देते है

37:81

إِنَّهُۥ مِنْ عِبَادِنَا ٱلْمُؤْمِنِينَ

निश्चय ही वह हमारे ईमानवाले बन्दों में से था

37:82

ثُمَّ أَغْرَقْنَا ٱلْءَاخَرِينَ

फिर हमने दूसरो को डूबो दिया।

37:83

۞ وَإِنَّ مِن شِيعَتِهِۦ لَإِبْرَٰهِيمَ

और इबराहीम भी उसी के सहधर्मियों में से था।

37:84

إِذْ جَآءَ رَبَّهُۥ بِقَلْبٍۢ سَلِيمٍ

याद करो, जब वह अपने रब के समक्ष भला-चंगा हृदय लेकर आया;

37:85

إِذْ قَالَ لِأَبِيهِ وَقَوْمِهِۦ مَاذَا تَعْبُدُونَ

जबकि उसने अपने बाप और अपनी क़ौम के लोगों से कहा, "तुम किस चीज़ की पूजा करते हो?

37:86

أَئِفْكًا ءَالِهَةًۭ دُونَ ٱللَّهِ تُرِيدُونَ

क्या अल्लाह से हटकर मनघड़ंत उपास्यों को चाह रहे हो?

37:87

فَمَا ظَنُّكُم بِرَبِّ ٱلْعَٰلَمِينَ

आख़िर सारे संसार के रब के विषय में तुम्हारा क्या गुमान है?"

37:88

فَنَظَرَ نَظْرَةًۭ فِى ٱلنُّجُومِ

फिर उसने एक दृष्टि तारों पर डाली

37:89

فَقَالَ إِنِّى سَقِيمٌۭ

और कहा, "मैं तो निढाल हूँ।"

37:90

فَتَوَلَّوْا۟ عَنْهُ مُدْبِرِينَ

अतएव वे उसे छोड़कर चले गए पीठ फेरकर

37:91

فَرَاغَ إِلَىٰٓ ءَالِهَتِهِمْ فَقَالَ أَلَا تَأْكُلُونَ

फिर वह आँख बचाकर उनके देवताओं की ओर गया और कहा, "क्या तुम खाते नहीं?

37:92

مَا لَكُمْ لَا تَنطِقُونَ

तुम्हें क्या हुआ है कि तुम बोलते नहीं?"

37:93

فَرَاغَ عَلَيْهِمْ ضَرْبًۢا بِٱلْيَمِينِ

फिर वह भरपूर हाथ मारते हुए उनपर पिल पड़ा

37:94

فَأَقْبَلُوٓا۟ إِلَيْهِ يَزِفُّونَ

फिर वे लोग झपटते हुए उसकी ओर आए

37:95

قَالَ أَتَعْبُدُونَ مَا تَنْحِتُونَ

उसने कहा, "क्या तुम उनको पूजते हो, जिन्हें स्वयं तराशते हो,

37:96

وَٱللَّهُ خَلَقَكُمْ وَمَا تَعْمَلُونَ

जबकि अल्लाह ने तुम्हे भी पैदा किया है और उनको भी, जिन्हें तुम बनाते हो?"

37:97

قَالُوا۟ ٱبْنُوا۟ لَهُۥ بُنْيَٰنًۭا فَأَلْقُوهُ فِى ٱلْجَحِيمِ

वे बोले, "उनके लिए एक मकान (अर्थात अग्नि-कुंड) तैयार करके उसे भड़कती आग में डाल दो!"

37:98

فَأَرَادُوا۟ بِهِۦ كَيْدًۭا فَجَعَلْنَٰهُمُ ٱلْأَسْفَلِينَ

अतः उन्होंने उसके साथ एक चाल चलनी चाही, किन्तु हमने उन्हीं को नीचा दिखा दिया

37:99

وَقَالَ إِنِّى ذَاهِبٌ إِلَىٰ رَبِّى سَيَهْدِينِ

उसने कहा, "मैं अपने रब की ओर जा रहा हूँ, वह मेरा मार्गदर्शन करेगा

37:100

رَبِّ هَبْ لِى مِنَ ٱلصَّٰلِحِينَ

ऐ मेरे रब! मुझे कोई नेक संतान प्रदान कर।"

37:101

فَبَشَّرْنَٰهُ بِغُلَٰمٍ حَلِيمٍۢ

तो हमने उसे एक सहनशील पुत्र की शुभ सूचना दी

37:102

فَلَمَّا بَلَغَ مَعَهُ ٱلسَّعْىَ قَالَ يَٰبُنَىَّ إِنِّىٓ أَرَىٰ فِى ٱلْمَنَامِ أَنِّىٓ أَذْبَحُكَ فَٱنظُرْ مَاذَا تَرَىٰ ۚ قَالَ يَٰٓأَبَتِ ٱفْعَلْ مَا تُؤْمَرُ ۖ سَتَجِدُنِىٓ إِن شَآءَ ٱللَّهُ مِنَ ٱلصَّٰبِرِينَ

फिर जब वह उसके साथ दौड़-धूप करने की अवस्था को पहुँचा तो उसने कहा, "ऐ मेरे प्रिय बेटे! मैं स्वप्न में देखता हूँ कि तुझे क़ुरबान कर रहा हूँ। तो अब देख, तेरा क्या विचार है?" उसने कहा, "ऐ मेरे बाप! जो कुछ आपको आदेश दिया जा रहा है उसे कर डालिए। अल्लाह ने चाहा तो आप मुझे धैर्यवान पाएँगे।"

37:103

فَلَمَّآ أَسْلَمَا وَتَلَّهُۥ لِلْجَبِينِ

अन्ततः जब दोनों ने अपने आपको (अल्लाह के आगे) झुका दिया और उसने (इबाराहीम ने) उसे कनपटी के बल लिटा दिया (तो उस समय क्या दृश्य रहा होगा, सोचो!)

37:104

وَنَٰدَيْنَٰهُ أَن يَٰٓإِبْرَٰهِيمُ

और हमने उसे पुकारा, "ऐ इबराहीम!

37:105

قَدْ صَدَّقْتَ ٱلرُّءْيَآ ۚ إِنَّا كَذَٰلِكَ نَجْزِى ٱلْمُحْسِنِينَ

तूने स्वप्न को सच कर दिखाया। निस्संदेह हम उत्तमकारों को इसी प्रकार बदला देते है।"

37:106

إِنَّ هَٰذَا لَهُوَ ٱلْبَلَٰٓؤُا۟ ٱلْمُبِينُ

निस्संदेह यह तो एक खुली हूई परीक्षा थी

37:107

وَفَدَيْنَٰهُ بِذِبْحٍ عَظِيمٍۢ

और हमने उसे (बेटे को) एक बड़ी क़ुरबानी के बदले में छुड़ा लिया

37:108

وَتَرَكْنَا عَلَيْهِ فِى ٱلْءَاخِرِينَ

और हमने पीछे आनेवाली नस्लों में उसका ज़िक्र छोड़ा,

37:109

سَلَٰمٌ عَلَىٰٓ إِبْرَٰهِيمَ

कि "सलाम है इबराहीम पर।"

37:110

كَذَٰلِكَ نَجْزِى ٱلْمُحْسِنِينَ

उत्तमकारों को हम ऐसा ही बदला देते है

37:111

إِنَّهُۥ مِنْ عِبَادِنَا ٱلْمُؤْمِنِينَ

निश्चय ही वह हमारे ईमानवाले बन्दों में से था

37:112

وَبَشَّرْنَٰهُ بِإِسْحَٰقَ نَبِيًّۭا مِّنَ ٱلصَّٰلِحِينَ

और हमने उसे इसहाक़ की शुभ सूचना दी, अच्छों में से एक नबी

37:113

وَبَٰرَكْنَا عَلَيْهِ وَعَلَىٰٓ إِسْحَٰقَ ۚ وَمِن ذُرِّيَّتِهِمَا مُحْسِنٌۭ وَظَالِمٌۭ لِّنَفْسِهِۦ مُبِينٌۭ

और हमने उसे और इसहाक़ को बरकत दी। और उन दोनों की संतति में कोई तो उत्तमकार है और कोई अपने आप पर खुला ज़ुल्म करनेवाला

37:114

وَلَقَدْ مَنَنَّا عَلَىٰ مُوسَىٰ وَهَٰرُونَ

और हम मूसा और हारून पर भी उपकार कर चुके है

37:115

وَنَجَّيْنَٰهُمَا وَقَوْمَهُمَا مِنَ ٱلْكَرْبِ ٱلْعَظِيمِ

और हमने उन्हें और उनकी क़ौम को बड़ी घुटन और बेचैनी से छुटकारा दिया

37:116

وَنَصَرْنَٰهُمْ فَكَانُوا۟ هُمُ ٱلْغَٰلِبِينَ

हमने उनकी सहायता की, तो वही प्रभावी रहे

37:117

وَءَاتَيْنَٰهُمَا ٱلْكِتَٰبَ ٱلْمُسْتَبِينَ

हमने उनको अत्यन्त स्पष्टा किताब प्रदान की।

37:118

وَهَدَيْنَٰهُمَا ٱلصِّرَٰطَ ٱلْمُسْتَقِيمَ

और उन्हें सीधा मार्ग दिखाया

37:119

وَتَرَكْنَا عَلَيْهِمَا فِى ٱلْءَاخِرِينَ

और हमने पीछे आनेवाली नस्लों में उसका अच्छा ज़िक्र छोड़ा

37:120

سَلَٰمٌ عَلَىٰ مُوسَىٰ وَهَٰرُونَ

कि "सलाम है मूसा और हारून पर!"

37:121

إِنَّا كَذَٰلِكَ نَجْزِى ٱلْمُحْسِنِينَ

निस्संदेह हम उत्तमकारों को ऐसा बदला देते है

37:122

إِنَّهُمَا مِنْ عِبَادِنَا ٱلْمُؤْمِنِينَ

निश्चय ही वे दोनों हमारे ईमानवाले बन्दों में से थे

37:123

وَإِنَّ إِلْيَاسَ لَمِنَ ٱلْمُرْسَلِينَ

और निस्संदेह इलयास भी रसूलों में से था।

37:124

إِذْ قَالَ لِقَوْمِهِۦٓ أَلَا تَتَّقُونَ

याद करो, जब उसने अपनी क़ौम के लोगों से कहा, "क्या तुम डर नहीं रखते?

37:125

أَتَدْعُونَ بَعْلًۭا وَتَذَرُونَ أَحْسَنَ ٱلْخَٰلِقِينَ

क्या तुम 'बअत' (देवता) को पुकारते हो और सर्वोत्तम सृष्टा। को छोड़ देते हो;

37:126

ٱللَّهَ رَبَّكُمْ وَرَبَّ ءَابَآئِكُمُ ٱلْأَوَّلِينَ

अपने रब और अपने अगले बाप-दादा के रब, अल्लाह को!"

37:127

فَكَذَّبُوهُ فَإِنَّهُمْ لَمُحْضَرُونَ

किन्तु उन्होंने उसे झुठला दिया। सौ वे निश्चय ही पकड़कर हाज़िर किए जाएँगे

37:128

إِلَّا عِبَادَ ٱللَّهِ ٱلْمُخْلَصِينَ

अल्लाह के बन्दों की बात और है, जिनको उसने चुन लिया है

37:129

وَتَرَكْنَا عَلَيْهِ فِى ٱلْءَاخِرِينَ

और हमने पीछे आनेवाली नस्लों में उसका अच्छा ज़िक्र छोड़ा

37:130

سَلَٰمٌ عَلَىٰٓ إِلْ يَاسِينَ

कि "सलाम है इलयास पर!"

37:131

إِنَّا كَذَٰلِكَ نَجْزِى ٱلْمُحْسِنِينَ

निस्संदेह हम उत्तमकारों को ऐसा ही बदला देते है

37:132

إِنَّهُۥ مِنْ عِبَادِنَا ٱلْمُؤْمِنِينَ

निश्चय ही वह हमारे ईमानवाले बन्दों में से था

37:133

وَإِنَّ لُوطًۭا لَّمِنَ ٱلْمُرْسَلِينَ

और निश्चय ही लूत भी रसूलों में से था

37:134

إِذْ نَجَّيْنَٰهُ وَأَهْلَهُۥٓ أَجْمَعِينَ

याद करो, जब हमने उसे और उसके सभी लोगों को बचा लिया,

37:135

إِلَّا عَجُوزًۭا فِى ٱلْغَٰبِرِينَ

सिवाय एक बुढ़िया के, जो पीछे रह जानेवालों में से थी

37:136

ثُمَّ دَمَّرْنَا ٱلْءَاخَرِينَ

फिर दूसरों को हमने तहस-नहस करके रख दिया

37:137

وَإِنَّكُمْ لَتَمُرُّونَ عَلَيْهِم مُّصْبِحِينَ

और निस्संदेह तुम उनपर (उनके क्षेत्र) से गुज़रते हो कभी प्रातः करते हुए

37:138

وَبِٱلَّيْلِ ۗ أَفَلَا تَعْقِلُونَ

और रात में भी। तो क्या तुम बुद्धि से काम नहीं लेते?

37:139

وَإِنَّ يُونُسَ لَمِنَ ٱلْمُرْسَلِينَ

और निस्संदेह यूनुस भी रसूलो में से था

37:140

إِذْ أَبَقَ إِلَى ٱلْفُلْكِ ٱلْمَشْحُونِ

याद करो, जब वह भरी नौका की ओर भाग निकला,

37:141

فَسَاهَمَ فَكَانَ مِنَ ٱلْمُدْحَضِينَ

फिर पर्ची डालने में शामिल हुआ और उसमें मात खाई

37:142

فَٱلْتَقَمَهُ ٱلْحُوتُ وَهُوَ مُلِيمٌۭ

फिर उसे मछली ने निगल लिया और वह निन्दनीय दशा में ग्रस्त हो गया था।

37:143

فَلَوْلَآ أَنَّهُۥ كَانَ مِنَ ٱلْمُسَبِّحِينَ

अब यदि वह तसबीह करनेवाला न होता

37:144

لَلَبِثَ فِى بَطْنِهِۦٓ إِلَىٰ يَوْمِ يُبْعَثُونَ

तो उसी के भीतर उस दिन तक पड़ा रह जाता, जबकि लोग उठाए जाएँगे।

37:145

۞ فَنَبَذْنَٰهُ بِٱلْعَرَآءِ وَهُوَ سَقِيمٌۭ

अन्ततः हमने उसे इस दशा में कि वह निढ़ाल था, साफ़ मैदान में डाल दिया।

37:146

وَأَنۢبَتْنَا عَلَيْهِ شَجَرَةًۭ مِّن يَقْطِينٍۢ

हमने उसपर बेलदार वृक्ष उगाया था

37:147

وَأَرْسَلْنَٰهُ إِلَىٰ مِا۟ئَةِ أَلْفٍ أَوْ يَزِيدُونَ

और हमने उसे एक लाख या उससे अधिक (लोगों) की ओर भेजा

37:148

فَـَٔامَنُوا۟ فَمَتَّعْنَٰهُمْ إِلَىٰ حِينٍۢ

फिर वे ईमान लाए तो हमने उन्हें एक अवधि कर सुख भोगने का अवसर दिया।

37:149

فَٱسْتَفْتِهِمْ أَلِرَبِّكَ ٱلْبَنَاتُ وَلَهُمُ ٱلْبَنُونَ

अब उनसे पूछो, "क्या तुम्हारे रब के लिए तो बेटियाँ हों और उनके अपने लिए बेटे?

37:150

أَمْ خَلَقْنَا ٱلْمَلَٰٓئِكَةَ إِنَٰثًۭا وَهُمْ شَٰهِدُونَ

क्या हमने फ़रिश्तों को औरतें बनाया और यह उनकी आँखों देखी बात हैं?"

37:151

أَلَآ إِنَّهُم مِّنْ إِفْكِهِمْ لَيَقُولُونَ

सुन लो, निश्चय ही वे अपनी मनघड़ंत कहते है

37:152

وَلَدَ ٱللَّهُ وَإِنَّهُمْ لَكَٰذِبُونَ

कि "अल्लाह के औलाद हुई है!" निश्चय ही वे झूठे है।

37:153

أَصْطَفَى ٱلْبَنَاتِ عَلَى ٱلْبَنِينَ

क्या उसने बेटों की अपेक्षा बेटियाँ चुन ली है?

37:154

مَا لَكُمْ كَيْفَ تَحْكُمُونَ

तुम्हें क्या हो गया है? तुम कैसा फ़ैसला करते हो?

37:155

أَفَلَا تَذَكَّرُونَ

तो क्या तुम होश से काम नहीं लेते?

37:156

أَمْ لَكُمْ سُلْطَٰنٌۭ مُّبِينٌۭ

क्या तुम्हारे पास कोई स्पष्ट प्रमाण है?

37:157

فَأْتُوا۟ بِكِتَٰبِكُمْ إِن كُنتُمْ صَٰدِقِينَ

तो लाओ अपनी किताब, यदि तुम सच्चे हो

37:158

وَجَعَلُوا۟ بَيْنَهُۥ وَبَيْنَ ٱلْجِنَّةِ نَسَبًۭا ۚ وَلَقَدْ عَلِمَتِ ٱلْجِنَّةُ إِنَّهُمْ لَمُحْضَرُونَ

उन्होंने अल्लाह और जिन्नों के बीच नाता जोड़ रखा है, हालाँकि जिन्नों को भली-भाँति मालूम है कि वे अवश्य पकड़कर हाज़िर किए जाएँगे-

37:159

سُبْحَٰنَ ٱللَّهِ عَمَّا يَصِفُونَ

महान और उच्च है अल्लाह उससे, जो वे बयान करते है। -

37:160

إِلَّا عِبَادَ ٱللَّهِ ٱلْمُخْلَصِينَ

अल्लाह के उन बन्दों की बात और है, जिन्हें उसने चुन लिया

37:161

فَإِنَّكُمْ وَمَا تَعْبُدُونَ

अतः तुम और जिनको तुम पूजते हो वे,

37:162

مَآ أَنتُمْ عَلَيْهِ بِفَٰتِنِينَ

तुम सब अल्लाह के विरुद्ध किसी को बहका नहीं सकते,

37:163

إِلَّا مَنْ هُوَ صَالِ ٱلْجَحِيمِ

सिवाय उसके जो जहन्नम की भड़कती आग में पड़ने ही वाला हो

37:164

وَمَا مِنَّآ إِلَّا لَهُۥ مَقَامٌۭ مَّعْلُومٌۭ

और हमारी ओर से उसके लिए अनिवार्यतः एक ज्ञात और नियत स्थान है

37:165

وَإِنَّا لَنَحْنُ ٱلصَّآفُّونَ

और हम ही पंक्तिबद्ध करते है।

37:166

وَإِنَّا لَنَحْنُ ٱلْمُسَبِّحُونَ

और हम ही महानता बयान करते है

37:167

وَإِن كَانُوا۟ لَيَقُولُونَ

वे तो कहा करते थे,

37:168

لَوْ أَنَّ عِندَنَا ذِكْرًۭا مِّنَ ٱلْأَوَّلِينَ

"यदि हमारे पास पिछलों की कोई शिक्षा होती

37:169

لَكُنَّا عِبَادَ ٱللَّهِ ٱلْمُخْلَصِينَ

तो हम अल्लाह के चुने हुए बन्दे होते।"

37:170

فَكَفَرُوا۟ بِهِۦ ۖ فَسَوْفَ يَعْلَمُونَ

किन्तु उन्होंने इनकार कर दिया, तो अब जल्द ही वे जान लेंगे

37:171

وَلَقَدْ سَبَقَتْ كَلِمَتُنَا لِعِبَادِنَا ٱلْمُرْسَلِينَ

और हमारे अपने उन बन्दों के हक़ में, जो रसूल बनाकर भेजे गए, हमारी बात पहले ही निश्चित हो चुकी है

37:172

إِنَّهُمْ لَهُمُ ٱلْمَنصُورُونَ

कि निश्चय ही उन्हीं की सहायता की जाएगी।

37:173

وَإِنَّ جُندَنَا لَهُمُ ٱلْغَٰلِبُونَ

और निश्चय ही हमारी सेना ही प्रभावी रहेगी

37:174

فَتَوَلَّ عَنْهُمْ حَتَّىٰ حِينٍۢ

अतः एक अवधि तक के लिए उनसे रुख़ फेर लो

37:175

وَأَبْصِرْهُمْ فَسَوْفَ يُبْصِرُونَ

और उन्हें देखते रहो। वे भी जल्द ही (अपना परिणाम) देख लेंगे

37:176

أَفَبِعَذَابِنَا يَسْتَعْجِلُونَ

क्या वे हमारी यातना के लिए जल्दी मचा रहे हैं?

37:177

فَإِذَا نَزَلَ بِسَاحَتِهِمْ فَسَآءَ صَبَاحُ ٱلْمُنذَرِينَ

तो जब वह उनके आँगन में उतरेगी तो बड़ी ही बुरी सुबह होगी उन लोगों की, जिन्हें सचेत किया जा चुका है!

37:178

وَتَوَلَّ عَنْهُمْ حَتَّىٰ حِينٍۢ

एक अवधि तक के लिए उनसे रुख़ फेर लो

37:179

وَأَبْصِرْ فَسَوْفَ يُبْصِرُونَ

और देखते रहो, वे जल्द ही देख लेंगे

37:180

سُبْحَٰنَ رَبِّكَ رَبِّ ٱلْعِزَّةِ عَمَّا يَصِفُونَ

महान और उच्च है तुम्हारा रब, प्रताप का स्वामी, उन बातों से जो वे बताते है!

37:181

وَسَلَٰمٌ عَلَى ٱلْمُرْسَلِينَ

और सलाम है रसूलों पर;

37:182

وَٱلْحَمْدُ لِلَّهِ رَبِّ ٱلْعَٰلَمِينَ

औऱ सब प्रशंसा अल्लाह, सारे संसार के रब के लिए है

सूरह As-Saaffaat के बारे में

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सूरह As-Saaffaat में कितनी आयतें हैं?
सूरह As-Saaffaat (पंक्तियों में खड़े हुए) कुरान का अध्याय 37 है और इसमें 182 आयतें हैं।
क्या सूरह As-Saaffaat मक्का में या मदीना में अवतरित हुई थी?
सूरह As-Saaffaat एक मक्की सूरह है, कुरान का 37वाँ अध्याय।
सूरह As-Saaffaat किस बारे में है?
क़तार दर क़तार पंक्तिबद्ध फ़रिश्तों से शुरू होती है और इब्राहीम की अपने बेटे की क़ुर्बानी के लिए तत्परता का वर्णन करती है।