سُورَةُ الطَّارِقِ

At-Taariqसुबह का तारा

मक्की
17 आयतें~3 मिनट

भेदने वाले रात के तारे की क़सम खाती है, और बताती है कि इंसान एक उछलकर निकलने वाले पानी से बनाया गया है ()।

بِسْمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحْمَٰنِ ٱلرَّحِيمِ

86:1

بِسْمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحْمَٰنِ ٱلرَّحِيمِ وَٱلسَّمَآءِ وَٱلطَّارِقِ

86:2

وَمَآ أَدْرَىٰكَ مَا ٱلطَّارِقُ

86:3

ٱلنَّجْمُ ٱلثَّاقِبُ

86:4

إِن كُلُّ نَفْسٍۢ لَّمَّا عَلَيْهَا حَافِظٌۭ

86:5

فَلْيَنظُرِ ٱلْإِنسَٰنُ مِمَّ خُلِقَ

86:6

خُلِقَ مِن مَّآءٍۢ دَافِقٍۢ

86:7

يَخْرُجُ مِنۢ بَيْنِ ٱلصُّلْبِ وَٱلتَّرَآئِبِ

86:8

إِنَّهُۥ عَلَىٰ رَجْعِهِۦ لَقَادِرٌۭ

86:9

يَوْمَ تُبْلَى ٱلسَّرَآئِرُ

86:10

فَمَا لَهُۥ مِن قُوَّةٍۢ وَلَا نَاصِرٍۢ

86:11

وَٱلسَّمَآءِ ذَاتِ ٱلرَّجْعِ

86:12

وَٱلْأَرْضِ ذَاتِ ٱلصَّدْعِ

86:13

إِنَّهُۥ لَقَوْلٌۭ فَصْلٌۭ

86:14

وَمَا هُوَ بِٱلْهَزْلِ

86:15

إِنَّهُمْ يَكِيدُونَ كَيْدًۭا

86:16

وَأَكِيدُ كَيْدًۭا

86:17

فَمَهِّلِ ٱلْكَٰفِرِينَ أَمْهِلْهُمْ رُوَيْدًۢا

सूरह At-Taariq के बारे में

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सूरह At-Taariq में कितनी आयतें हैं?
सूरह At-Taariq (सुबह का तारा) कुरान का अध्याय 86 है और इसमें 17 आयतें हैं।
क्या सूरह At-Taariq मक्का में या मदीना में अवतरित हुई थी?
सूरह At-Taariq एक मक्की सूरह है — कुरान का 86वाँ अध्याय।
सूरह At-Taariq किस बारे में है?
भेदने वाले रात के तारे की क़सम खाती है, और बताती है कि इंसान एक उछलकर निकलने वाले पानी से बनाया गया है (86:6)।