سُورَةُ الأَعۡلَىٰ

Al-A'laaसर्वोच्च

मक्की
19 आयतें~4 मिनट

नबी को इसे जुमे और ईद की नमाज़ों में पढ़ना बहुत पसंद था; यह इस तरह शुरू होती है, “अपने रब के नाम की तस्बीह करो, जो सबसे ऊँचा है।”

بِسْمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحْمَٰنِ ٱلرَّحِيمِ

87:1

بِسْمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحْمَٰنِ ٱلرَّحِيمِ سَبِّحِ ٱسْمَ رَبِّكَ ٱلْأَعْلَى

तसबीह करो, अपने सर्वाच्च रब के नाम की,

87:2

ٱلَّذِى خَلَقَ فَسَوَّىٰ

जिसने पैदा किया, फिर ठीक-ठाक किया,

87:3

وَٱلَّذِى قَدَّرَ فَهَدَىٰ

जिसने निर्धारित किया, फिर मार्ग दिखाया,

87:4

وَٱلَّذِىٓ أَخْرَجَ ٱلْمَرْعَىٰ

जिसने वनस्पति उगाई,

87:5

فَجَعَلَهُۥ غُثَآءً أَحْوَىٰ

फिर उसे ख़ूब घना और हरा-भरा कर दिया

87:6

سَنُقْرِئُكَ فَلَا تَنسَىٰٓ

हम तुम्हें पढ़ा देंगे, फिर तुम भूलोगे नहीं

87:7

إِلَّا مَا شَآءَ ٱللَّهُ ۚ إِنَّهُۥ يَعْلَمُ ٱلْجَهْرَ وَمَا يَخْفَىٰ

बात यह है कि अल्लाह की इच्छा ही क्रियान्वित है। निश्चय ही वह जानता है खुले को भी और उसे भी जो छिपा रहे

87:8

وَنُيَسِّرُكَ لِلْيُسْرَىٰ

हम तुम्हें सहज ढंग से उस चीज़ की पात्र बना देंगे जो सहज एवं मृदुल (आरामदायक) है

87:9

فَذَكِّرْ إِن نَّفَعَتِ ٱلذِّكْرَىٰ

अतः नसीहत करो, यदि नसीहत लाभप्रद हो!

87:10

سَيَذَّكَّرُ مَن يَخْشَىٰ

नसीहत हासिल कर लेगा जिसको डर होगा,

87:11

وَيَتَجَنَّبُهَا ٱلْأَشْقَى

किन्तु उससे कतराएगा वह अत्यन्त दुर्भाग्यवाला,

87:12

ٱلَّذِى يَصْلَى ٱلنَّارَ ٱلْكُبْرَىٰ

जो बड़ी आग में पड़ेगा,

87:13

ثُمَّ لَا يَمُوتُ فِيهَا وَلَا يَحْيَىٰ

फिर वह उसमें न मरेगा न जिएगा

87:14

قَدْ أَفْلَحَ مَن تَزَكَّىٰ

सफल हो गया वह जिसने अपने आपको निखार लिया,

87:15

وَذَكَرَ ٱسْمَ رَبِّهِۦ فَصَلَّىٰ

और अपने रब के नाम का स्मरण किया, अतः नमाज़ अदा की

87:16

بَلْ تُؤْثِرُونَ ٱلْحَيَوٰةَ ٱلدُّنْيَا

नहीं, बल्कि तुम तो सांसारिक जीवन को प्राथमिकता देते हो,

87:17

وَٱلْءَاخِرَةُ خَيْرٌۭ وَأَبْقَىٰٓ

हालाँकि आख़िरत अधिक उत्तम और शेष रहनेवाली है

87:18

إِنَّ هَٰذَا لَفِى ٱلصُّحُفِ ٱلْأُولَىٰ

निस्संदेह यही बात पहले की किताबों में भी है;

87:19

صُحُفِ إِبْرَٰهِيمَ وَمُوسَىٰ

इबराईम और मूसा की किताबों में

सूरह Al-A'laa के बारे में

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सूरह Al-A'laa में कितनी आयतें हैं?
सूरह Al-A'laa (सर्वोच्च) कुरान का अध्याय 87 है और इसमें 19 आयतें हैं।
क्या सूरह Al-A'laa मक्का में या मदीना में अवतरित हुई थी?
सूरह Al-A'laa एक मक्की सूरह है, कुरान का 87वाँ अध्याय।
सूरह Al-A'laa किस बारे में है?
नबी को इसे जुमे और ईद की नमाज़ों में पढ़ना बहुत पसंद था; यह इस तरह शुरू होती है, “अपने रब के नाम की तस्बीह करो, जो सबसे ऊँचा है।”