سُورَةُ الشَّمۡسِ

Ash-Shamsसूर्य

मक्की
15 आयतें~3 मिनट

क़समों की एक श्रृंखला पिरोती है — सूरज, चाँद और रूह की — इससे पहले कि यह याद दिलाए कि समूद ने ऊँटनी की कूँचें कैसे काट डालीं।

بِسْمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحْمَٰنِ ٱلرَّحِيمِ

91:1

بِسْمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحْمَٰنِ ٱلرَّحِيمِ وَٱلشَّمْسِ وَضُحَىٰهَا

91:2

وَٱلْقَمَرِ إِذَا تَلَىٰهَا

91:3

وَٱلنَّهَارِ إِذَا جَلَّىٰهَا

91:4

وَٱلَّيْلِ إِذَا يَغْشَىٰهَا

91:5

وَٱلسَّمَآءِ وَمَا بَنَىٰهَا

91:6

وَٱلْأَرْضِ وَمَا طَحَىٰهَا

91:7

وَنَفْسٍۢ وَمَا سَوَّىٰهَا

91:8

فَأَلْهَمَهَا فُجُورَهَا وَتَقْوَىٰهَا

91:9

قَدْ أَفْلَحَ مَن زَكَّىٰهَا

91:10

وَقَدْ خَابَ مَن دَسَّىٰهَا

91:11

كَذَّبَتْ ثَمُودُ بِطَغْوَىٰهَآ

91:12

إِذِ ٱنۢبَعَثَ أَشْقَىٰهَا

91:13

فَقَالَ لَهُمْ رَسُولُ ٱللَّهِ نَاقَةَ ٱللَّهِ وَسُقْيَٰهَا

91:14

فَكَذَّبُوهُ فَعَقَرُوهَا فَدَمْدَمَ عَلَيْهِمْ رَبُّهُم بِذَنۢبِهِمْ فَسَوَّىٰهَا

91:15

وَلَا يَخَافُ عُقْبَٰهَا

सूरह Ash-Shams के बारे में

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सूरह Ash-Shams में कितनी आयतें हैं?
सूरह Ash-Shams (सूर्य) कुरान का अध्याय 91 है और इसमें 15 आयतें हैं।
क्या सूरह Ash-Shams मक्का में या मदीना में अवतरित हुई थी?
सूरह Ash-Shams एक मक्की सूरह है — कुरान का 91वाँ अध्याय।
सूरह Ash-Shams किस बारे में है?
क़समों की एक श्रृंखला पिरोती है — सूरज, चाँद और रूह की — इससे पहले कि यह याद दिलाए कि समूद ने ऊँटनी की कूँचें कैसे काट डालीं।