سُورَةُ الضُّحَىٰ

Ad-Dhuhaaचاشت

मक्की
11 आयतें~2 मिनट

वह्य रुक जाने के बाद नबी को दिलासा देने के लिए उतरी: “तुम्हारे रब ने न तुम्हें छोड़ा है, न वह तुमसे नाराज़ है।”

بِسْمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحْمَٰنِ ٱلرَّحِيمِ

93:1

بِسْمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحْمَٰنِ ٱلرَّحِيمِ وَٱلضُّحَىٰ

साक्षी है चढ़ता दिन,

93:2

وَٱلَّيْلِ إِذَا سَجَىٰ

और रात जबकि उसका सन्नाटा छा जाए

93:3

مَا وَدَّعَكَ رَبُّكَ وَمَا قَلَىٰ

तुम्हारे रब ने तुम्हें न तो विदा किया और न वह बेज़ार (अप्रसन्न) हुआ

93:4

وَلَلْءَاخِرَةُ خَيْرٌۭ لَّكَ مِنَ ٱلْأُولَىٰ

और निश्चय ही बाद में आनेवाली (अवधि) तुम्हारे लिए पहलेवाली से उत्तम है

93:5

وَلَسَوْفَ يُعْطِيكَ رَبُّكَ فَتَرْضَىٰٓ

और शीघ्र ही तुम्हारा रब तुम्हें प्रदान करेगा कि तुम प्रसन्न हो जाओगे

93:6

أَلَمْ يَجِدْكَ يَتِيمًۭا فَـَٔاوَىٰ

क्या ऐसा नहीं कि उसने तुम्हें अनाथ पाया तो ठिकाना दिया?

93:7

وَوَجَدَكَ ضَآلًّۭا فَهَدَىٰ

और तुम्हें मार्ग से अपरिचित पाया तो मार्ग दिखाया?

93:8

وَوَجَدَكَ عَآئِلًۭا فَأَغْنَىٰ

और तुम्हें निर्धन पाया तो समृद्ध कर दिया?

93:9

فَأَمَّا ٱلْيَتِيمَ فَلَا تَقْهَرْ

अतः जो अनाथ हो उसे मत दबाना,

93:10

وَأَمَّا ٱلسَّآئِلَ فَلَا تَنْهَرْ

और जो माँगता हो उसे न झिझकना,

93:11

وَأَمَّا بِنِعْمَةِ رَبِّكَ فَحَدِّثْ

और जो तुम्हें रब की अनुकम्पा है, उसे बयान करते रहो

सूरह Ad-Dhuhaa के बारे में

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सूरह Ad-Dhuhaa में कितनी आयतें हैं?
सूरह Ad-Dhuhaa (चاشت) कुरान का अध्याय 93 है और इसमें 11 आयतें हैं।
क्या सूरह Ad-Dhuhaa मक्का में या मदीना में अवतरित हुई थी?
सूरह Ad-Dhuhaa एक मक्की सूरह है — कुरान का 93वाँ अध्याय।
सूरह Ad-Dhuhaa किस बारे में है?
वह्य रुक जाने के बाद नबी को दिलासा देने के लिए उतरी: “तुम्हारे रब ने न तुम्हें छोड़ा है, न वह तुमसे नाराज़ है।”