سُورَةُ الشَّرۡحِ

Ash-Sharhविश्राम

मक्की
8 आयतें~2 मिनट

व्याकुल दिल को यक़ीन दिलाती है कि “तंगी के साथ आसानी है” — ज़ोर देने के लिए दो बार दोहराया गया एक वादा ()।

بِسْمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحْمَٰنِ ٱلرَّحِيمِ

94:1

بِسْمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحْمَٰنِ ٱلرَّحِيمِ أَلَمْ نَشْرَحْ لَكَ صَدْرَكَ

क्या ऐसा नहीं कि हमने तुम्हारा सीना तुम्हारे लिए खोल दिया?

94:2

وَوَضَعْنَا عَنكَ وِزْرَكَ

और तुमपर से तुम्हारा बोझ उतार दिया,

94:3

ٱلَّذِىٓ أَنقَضَ ظَهْرَكَ

जो तुम्हारी कमर तोड़े डाल रहा था?

94:4

وَرَفَعْنَا لَكَ ذِكْرَكَ

और तुम्हारे लिए तुम्हारे ज़िक्र को ऊँचा कर दिया?

94:5

فَإِنَّ مَعَ ٱلْعُسْرِ يُسْرًا

अतः निस्संदेह कठिनाई के साथ आसानी भी है

94:6

إِنَّ مَعَ ٱلْعُسْرِ يُسْرًۭا

निस्संदेह कठिनाई के साथ आसानी भी है

94:7

فَإِذَا فَرَغْتَ فَٱنصَبْ

अतः जब निवृत हो तो परिश्रम में लग जाओ,

94:8

وَإِلَىٰ رَبِّكَ فَٱرْغَب

और अपने रब से लौ लगाओ

सूरह Ash-Sharh के बारे में

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सूरह Ash-Sharh में कितनी आयतें हैं?
सूरह Ash-Sharh (विश्राम) कुरान का अध्याय 94 है और इसमें 8 आयतें हैं।
क्या सूरह Ash-Sharh मक्का में या मदीना में अवतरित हुई थी?
सूरह Ash-Sharh एक मक्की सूरह है — कुरान का 94वाँ अध्याय।
सूरह Ash-Sharh किस बारे में है?
व्याकुल दिल को यक़ीन दिलाती है कि “तंगी के साथ आसानी है” — ज़ोर देने के लिए दो बार दोहराया गया एक वादा (94:5–6)।