سُورَةُ التِّينِ

At-Tinअंजीर

मक्की
8 आयतें~2 मिनट

अंजीर और ज़ैतून की क़सम खाती है, फिर घोषित करती है कि ख़ुदा ने इंसान को “सबसे अच्छी सूरत में” बनाया ()।

بِسْمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحْمَٰنِ ٱلرَّحِيمِ

95:1

بِّسْمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحْمَٰنِ ٱلرَّحِيمِ وَٱلتِّينِ وَٱلزَّيْتُونِ

साक्षी है तीन और ज़ैतून

95:2

وَطُورِ سِينِينَ

और तूर सीनीन,

95:3

وَهَٰذَا ٱلْبَلَدِ ٱلْأَمِينِ

और यह शान्तिपूर्ण भूमि (मक्का)

95:4

لَقَدْ خَلَقْنَا ٱلْإِنسَٰنَ فِىٓ أَحْسَنِ تَقْوِيمٍۢ

निस्संदेह हमने मनुष्य को सर्वोत्तम संरचना के साथ पैदा किया

95:5

ثُمَّ رَدَدْنَٰهُ أَسْفَلَ سَٰفِلِينَ

फिर हमने उसे निकृष्टतम दशा की ओर लौटा दिया, जबकि वह स्वयं गिरनेवाला बना

95:6

إِلَّا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ وَعَمِلُوا۟ ٱلصَّٰلِحَٰتِ فَلَهُمْ أَجْرٌ غَيْرُ مَمْنُونٍۢ

सिवाय उन लोगों के जो ईमान लाए और जिन्होंने अच्छे कर्म किए, तो उनके लिए कभी न समाप्त होनेवाला बदला है

95:7

فَمَا يُكَذِّبُكَ بَعْدُ بِٱلدِّينِ

अब इसके बाद क्या है, जो बदले के विषय में तुम्हें झुठलाए?

95:8

أَلَيْسَ ٱللَّهُ بِأَحْكَمِ ٱلْحَٰكِمِينَ

क्या अल्लाह सब हाकिमों से बड़ा हाकिम नहीं हैं?

सूरह At-Tin के बारे में

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सूरह At-Tin में कितनी आयतें हैं?
सूरह At-Tin (अंजीर) कुरान का अध्याय 95 है और इसमें 8 आयतें हैं।
क्या सूरह At-Tin मक्का में या मदीना में अवतरित हुई थी?
सूरह At-Tin एक मक्की सूरह है, कुरान का 95वाँ अध्याय।
सूरह At-Tin किस बारे में है?
अंजीर और ज़ैतून की क़सम खाती है, फिर घोषित करती है कि ख़ुदा ने इंसान को “सबसे अच्छी सूरत में” बनाया (95:4)।