سُورَةُ العَلَقِ

Al-Alaqरक्त का थक्का

मक्की
19 आयतें~4 मिनट۩

इसमें वे बिल्कुल पहले शब्द हैं जो हिरा की गुफ़ा में नबी पर उतरे: “पढ़ो, अपने रब के नाम से जिसने पैदा किया।”

بِسْمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحْمَٰنِ ٱلرَّحِيمِ

96:1

بِسْمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحْمَٰنِ ٱلرَّحِيمِ ٱقْرَأْ بِٱسْمِ رَبِّكَ ٱلَّذِى خَلَقَ

पढ़ो, अपने रब के नाम के साथ जिसने पैदा किया,

96:2

خَلَقَ ٱلْإِنسَٰنَ مِنْ عَلَقٍ

पैदा किया मनुष्य को जमे हुए ख़ून के एक लोथड़े से

96:3

ٱقْرَأْ وَرَبُّكَ ٱلْأَكْرَمُ

पढ़ो, हाल यह है कि तुम्हारा रब बड़ा ही उदार है,

96:4

ٱلَّذِى عَلَّمَ بِٱلْقَلَمِ

जिसने क़लम के द्वारा शिक्षा दी,

96:5

عَلَّمَ ٱلْإِنسَٰنَ مَا لَمْ يَعْلَمْ

मनुष्य को वह ज्ञान प्रदान किया जिस वह न जानता था

96:6

كَلَّآ إِنَّ ٱلْإِنسَٰنَ لَيَطْغَىٰٓ

कदापि नहीं, मनुष्य सरकशी करता है,

96:7

أَن رَّءَاهُ ٱسْتَغْنَىٰٓ

इसलिए कि वह अपने आपको आत्मनिर्भर देखता है

96:8

إِنَّ إِلَىٰ رَبِّكَ ٱلرُّجْعَىٰٓ

निश्चय ही तुम्हारे रब ही की ओर पलटना है

96:9

أَرَءَيْتَ ٱلَّذِى يَنْهَىٰ

क्या तुमने देखा उस व्यक्ति को

96:10

عَبْدًا إِذَا صَلَّىٰٓ

जो एक बन्दे को रोकता है, जब वह नमाज़ अदा करता है? -

96:11

أَرَءَيْتَ إِن كَانَ عَلَى ٱلْهُدَىٰٓ

तुम्हारा क्या विचार है? यदि वह सीधे मार्ग पर हो,

96:12

أَوْ أَمَرَ بِٱلتَّقْوَىٰٓ

या परहेज़गारी का हुक्म दे (उसके अच्छा होने में क्या संदेह है)

96:13

أَرَءَيْتَ إِن كَذَّبَ وَتَوَلَّىٰٓ

तुम्हारा क्या विचार है? यदि उस (रोकनेवाले) ने झुठलाया और मुँह मोड़ा (तो उसके बुरा होने में क्या संदेह है) -

96:14

أَلَمْ يَعْلَم بِأَنَّ ٱللَّهَ يَرَىٰ

क्या उसने नहीं जाना कि अल्लाह देख रहा है?

96:15

كَلَّا لَئِن لَّمْ يَنتَهِ لَنَسْفَعًۢا بِٱلنَّاصِيَةِ

कदापि नहीं, यदि वह बाज़ न आया तो हम चोटी पकड़कर घसीटेंगे,

96:16

نَاصِيَةٍۢ كَٰذِبَةٍ خَاطِئَةٍۢ

झूठी, ख़ताकार चोटी

96:17

فَلْيَدْعُ نَادِيَهُۥ

अब बुला ले वह अपनी मजलिस को!

96:18

سَنَدْعُ ٱلزَّبَانِيَةَ

हम भी बुलाए लेते है सिपाहियों को

96:19۩

كَلَّا لَا تُطِعْهُ وَٱسْجُدْ وَٱقْتَرِب ۩

कदापि नहीं, उसकी बात न मानो और सजदे करते और क़रीब होते रहो

सूरह Al-Alaq के बारे में

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सूरह Al-Alaq में कितनी आयतें हैं?
सूरह Al-Alaq (रक्त का थक्का) कुरान का अध्याय 96 है और इसमें 19 आयतें हैं।
क्या सूरह Al-Alaq मक्का में या मदीना में अवतरित हुई थी?
सूरह Al-Alaq एक मक्की सूरह है — कुरान का 96वाँ अध्याय।
सूरह Al-Alaq किस बारे में है?
इसमें वे बिल्कुल पहले शब्द हैं जो हिरा की गुफ़ा में नबी पर उतरे: “पढ़ो, अपने रब के नाम से जिसने पैदा किया।”