कुरान के अंश

पहली वही

96:1

ٱقْرَأْ بِٱسْمِ رَبِّكَ ٱلَّذِى خَلَقَ

पढ़ो, अपने रब के नाम के साथ जिसने पैदा किया,

96:2

خَلَقَ ٱلْإِنسَٰنَ مِنْ عَلَقٍ

पैदा किया मनुष्य को जमे हुए ख़ून के एक लोथड़े से

96:3

ٱقْرَأْ وَرَبُّكَ ٱلْأَكْرَمُ

पढ़ो, हाल यह है कि तुम्हारा रब बड़ा ही उदार है,

96:4

ٱلَّذِى عَلَّمَ بِٱلْقَلَمِ

जिसने क़लम के द्वारा शिक्षा दी,

96:5

عَلَّمَ ٱلْإِنسَٰنَ مَا لَمْ يَعْلَمْ

मनुष्य को वह ज्ञान प्रदान किया जिस वह न जानता था

पहली वही कुरान 96:1–5 है, सूरह अल-अलक़ की शुरुआत। यह “पढ़ो अपने उस रब के नाम से जिसने पैदा किया” से शुरू होती है, और बताती है कि अल्लाह ने क़लम के ज़रिए सिखाया, मनुष्य को वह सिखाया जो वह नहीं जानता था। ये पाँच आयतें वह अंश हैं जिसे परंपरागत रूप से सबसे पहले अवतरित माना जाता है।

अरबी और अनुवाद, आपके चुने हुए क़ारी के साथ क्रम से चलाए जाते हैं।

सामान्य प्रश्न

कुरान में सबसे पहले कौन सी आयत अवतरित हुई?
सूरह अल-अलक़ की शुरुआत, “पढ़ो अपने उस रब के नाम से जिसने पैदा किया” (96:1)। पहला अंश 96:1–5 है।
इक़रा बिस्मि रब्बिक का क्या अर्थ है?
इसका अर्थ है “पढ़ो अपने रब के नाम से।” यह कुरान 96:1 का पहला वाक्यांश है।