कुरान के अंश

यूनुस की दुआ

21:87

وَذَا ٱلنُّونِ إِذ ذَّهَبَ مُغَٰضِبًۭا فَظَنَّ أَن لَّن نَّقْدِرَ عَلَيْهِ فَنَادَىٰ فِى ٱلظُّلُمَٰتِ أَن لَّآ إِلَٰهَ إِلَّآ أَنتَ سُبْحَٰنَكَ إِنِّى كُنتُ مِنَ ٱلظَّٰلِمِينَ

और ज़ुन्नून (मछलीवाले) पर भी दया दर्शाई। याद करो जबकि वह अत्यन्त क्रद्ध होकर चल दिया और समझा कि हम उसे तंगी में न डालेंगे। अन्त में उसनें अँधेरों में पुकारा, "तेरे सिवा कोई इष्ट-पूज्य नहीं, महिमावान है तू! निस्संदेह मैं दोषी हूँ।"

यूनुस की दुआ कुरान 21:87 है। मछली के अंदर से उन्होंने पुकारा, “तेरे सिवा कोई माबूद नहीं, तू पाक है; मैं ज़ालिमों में से रहा हूँ।” कुछ परंपराओं में इस वाक्य को आयत अल-करीमा कहा जाता है। यह उन छोटे अंशों में से एक है जिन्हें लोग ज़बानी याद करते हैं।

अरबी और अनुवाद, आपके चुने हुए क़ारी के साथ क्रम से चलाए जाते हैं।

सामान्य प्रश्न

पैगंबर यूनुस की दुआ क्या है?
यह कुरान 21:87 की पुकार है: ला इलाहा इल्ला अंता सुबहानका इन्नी कुंतु मिनज़-ज़ालिमीन। तेरे सिवा कोई माबूद नहीं; तू पाक है; मैं ज़ालिमों में से रहा हूँ।
यूनुस की दुआ किस सूरह में है?
यह सूरह अल-अंबिया की आयत 87 है, 21वीं सूरह। अगली आयत कहती है कि अल्लाह ने उन्हें उत्तर दिया और मुसीबत से बचा लिया।