विषय के अनुसार आयतें

ज्ञान के बारे में कुरान की आयतें

कुरान ज्ञान को ऊँचा स्थान देता है, रहस्योद्घाटन की शुरुआत पढ़ने के आदेश से करता है, और जानने वालों को न जानने वालों से अलग करता है। ये आयतें ऐसे अध्ययन को प्रोत्साहित करती हैं जो ईश्वर के सामने विनम्रता की ओर ले जाता है।

ये चयन चिंतन के लिए प्रारंभिक बिंदु हैं। आयतों को हमेशा उनके पूर्ण संदर्भ में पढ़ें।

चयनित आयतें

  1. بِسْمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحْمَٰنِ ٱلرَّحِيمِ ٱقْرَأْ بِٱسْمِ رَبِّكَ ٱلَّذِى خَلَقَ

    पढ़ो, अपने रब के नाम के साथ जिसने पैदा किया,

  2. خَلَقَ ٱلْإِنسَٰنَ مِنْ عَلَقٍ

    पैदा किया मनुष्य को जमे हुए ख़ून के एक लोथड़े से

  3. ٱقْرَأْ وَرَبُّكَ ٱلْأَكْرَمُ

    पढ़ो, हाल यह है कि तुम्हारा रब बड़ा ही उदार है,

  4. ٱلَّذِى عَلَّمَ بِٱلْقَلَمِ

    जिसने क़लम के द्वारा शिक्षा दी,

  5. عَلَّمَ ٱلْإِنسَٰنَ مَا لَمْ يَعْلَمْ

    मनुष्य को वह ज्ञान प्रदान किया जिस वह न जानता था

  6. فَتَعَٰلَى ٱللَّهُ ٱلْمَلِكُ ٱلْحَقُّ ۗ وَلَا تَعْجَلْ بِٱلْقُرْءَانِ مِن قَبْلِ أَن يُقْضَىٰٓ إِلَيْكَ وَحْيُهُۥ ۖ وَقُل رَّبِّ زِدْنِى عِلْمًۭا

    अतः सर्वोच्च है अल्लाह, सच्चा सम्राट! क़ुरआन के (फ़ैसले के) सिलसिले में जल्दी न करो, जब तक कि वह पूरा न हो जाए। तेरी ओर उसकी प्रकाशना हो रही है। और कहो, "मेरे रब, मुझे ज्ञान में अभिवृद्धि प्रदान कर।"

  7. أَمَّنْ هُوَ قَٰنِتٌ ءَانَآءَ ٱلَّيْلِ سَاجِدًۭا وَقَآئِمًۭا يَحْذَرُ ٱلْءَاخِرَةَ وَيَرْجُوا۟ رَحْمَةَ رَبِّهِۦ ۗ قُلْ هَلْ يَسْتَوِى ٱلَّذِينَ يَعْلَمُونَ وَٱلَّذِينَ لَا يَعْلَمُونَ ۗ إِنَّمَا يَتَذَكَّرُ أُو۟لُوا۟ ٱلْأَلْبَٰبِ

    (क्या उक्त व्यक्ति अच्छा है) या वह व्यक्ति जो रात की घड़ियों में सजदा करता और खड़ा रहता है, आख़िरत से डरता है और अपने रब की दयालुता की आशा रखता हुआ विनयशीलता के साथ बन्दगी में लगा रहता है? कहो, "क्या वे लोग जो जानते है और वे लोग जो नहीं जानते दोनों समान होंगे? शिक्षा तो बुद्धि और समझवाले ही ग्रहण करते है।"

  8. يَٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوٓا۟ إِذَا قِيلَ لَكُمْ تَفَسَّحُوا۟ فِى ٱلْمَجَٰلِسِ فَٱفْسَحُوا۟ يَفْسَحِ ٱللَّهُ لَكُمْ ۖ وَإِذَا قِيلَ ٱنشُزُوا۟ فَٱنشُزُوا۟ يَرْفَعِ ٱللَّهُ ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ مِنكُمْ وَٱلَّذِينَ أُوتُوا۟ ٱلْعِلْمَ دَرَجَٰتٍۢ ۚ وَٱللَّهُ بِمَا تَعْمَلُونَ خَبِيرٌۭ

    ऐ ईमान लानेवालो! जब तुमसे कहा जाए कि मजलिसों में जगह कुशादा कर दे, तो कुशादगी पैदा कर दो। अल्लाह तुम्हारे लिए कुशादगी पैदा करेगा। और जब कहा जाए कि उठ जाओ, तो उठ जाया करो। तुममें से जो लोग ईमान लाए है और उन्हें ज्ञान प्रदान किया गया है, अल्लाह उनके दरजों को उच्चता प्रदान करेगा। जो कुछ तुम करते हो अल्लाह उसकी पूरी ख़बर रखता है

सामान्य प्रश्न

ज्ञान से संबंधित पहला प्रकट आदेश क्या था?
सूरह अल-अलक 96:1–5 “पढ़ो” से शुरू होता है, जो सीखने को सृष्टि और उस ईश्वर से जोड़ता है जिसने कलम से सिखाया।

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