सत्यनिष्ठा के बारे में कुरान की आयतें
कुरान में सत्यनिष्ठा को ईश्वर-चेतना और भरोसेमंद चरित्र से जोड़ा गया है। ये छोटे अंश व्यक्तिगत चिंतन और शिक्षण के लिए उपयोगी हैं।
ये चयन चिंतन के लिए प्रारंभिक बिंदु हैं। आयतों को हमेशा उनके पूर्ण संदर्भ में पढ़ें।
चयनित आयतें
يَٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ ٱتَّقُوا۟ ٱللَّهَ وَكُونُوا۟ مَعَ ٱلصَّٰدِقِينَ
ऐ ईमान लानेवालो! अल्लाह का डर रखों और सच्चे लोगों के साथ हो जाओ
يَٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ ٱتَّقُوا۟ ٱللَّهَ وَقُولُوا۟ قَوْلًۭا سَدِيدًۭا
ऐ ईमान लानेवालो! अल्लाह का डर रखो और बात कहो ठीक सधी हुई
يَٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ لِمَ تَقُولُونَ مَا لَا تَفْعَلُونَ
ऐ ईमान लानेवालो! तुम वह बात क्यों कहते हो जो करते नहीं?
كَبُرَ مَقْتًا عِندَ ٱللَّهِ أَن تَقُولُوا۟ مَا لَا تَفْعَلُونَ
अल्लाह के यहाँ यह अत्यन्त अप्रिय बात है कि तुम वह बात कहो, जो करो नहीं
सामान्य प्रश्न
- कुरान उस बात को कहने के बारे में क्या कहता है जो आप नहीं करते?
- सूरह अस-सफ 61:2–3 उन लोगों की कड़ी निंदा करता है जो वह कहते हैं जो वे नहीं करते — यह वाणी और कर्म को संरेखित करने का आह्वान है।
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