शिफ़ा की आयतें
अत-तौबा9:14
قَٰتِلُوهُمْ يُعَذِّبْهُمُ ٱللَّهُ بِأَيْدِيكُمْ وَيُخْزِهِمْ وَيَنصُرْكُمْ عَلَيْهِمْ وَيَشْفِ صُدُورَ قَوْمٍۢ مُّؤْمِنِينَ
उनसे लड़ो। अल्लाह तुम्हारे हाथों से उन्हें यातना देगा और उन्हें अपमानित करेगा और उनके मुक़ाबले में वह तुम्हारी सहायता करेगा। और ईमानवाले लोगों के दिलों का दुखमोचन करेगा;
यूनुस10:57
يَٰٓأَيُّهَا ٱلنَّاسُ قَدْ جَآءَتْكُم مَّوْعِظَةٌۭ مِّن رَّبِّكُمْ وَشِفَآءٌۭ لِّمَا فِى ٱلصُّدُورِ وَهُدًۭى وَرَحْمَةٌۭ لِّلْمُؤْمِنِينَ
ऐ लोगो! तुम्हारे पास तुम्हारे रब की ओर से उपदेश औऱ जो कुछ सीनों में (रोग) है, उसके लिए रोगमुक्ति और मोमिनों के लिए मार्गदर्शन और दयालुता आ चुकी है
अन-नहल16:69
ثُمَّ كُلِى مِن كُلِّ ٱلثَّمَرَٰتِ فَٱسْلُكِى سُبُلَ رَبِّكِ ذُلُلًۭا ۚ يَخْرُجُ مِنۢ بُطُونِهَا شَرَابٌۭ مُّخْتَلِفٌ أَلْوَٰنُهُۥ فِيهِ شِفَآءٌۭ لِّلنَّاسِ ۗ إِنَّ فِى ذَٰلِكَ لَءَايَةًۭ لِّقَوْمٍۢ يَتَفَكَّرُونَ
फिर हर प्रकार के फल-फूलों से ख़ुराक ले और अपने रब के समतम मार्गों पर चलती रह।" उसके पेट से विभिन्न रंग का एक पेय निकलता है, जिसमें लोगों के लिए आरोग्य है। निश्चय ही सोच-विचार करनेवाले लोगों के लिए इसमें एक बड़ी निशानी है
अल-इसरा17:82
وَنُنَزِّلُ مِنَ ٱلْقُرْءَانِ مَا هُوَ شِفَآءٌۭ وَرَحْمَةٌۭ لِّلْمُؤْمِنِينَ ۙ وَلَا يَزِيدُ ٱلظَّٰلِمِينَ إِلَّا خَسَارًۭا
हम क़ुरआन में से जो उतारते है वह मोमिनों के लिए शिफ़ा (आरोग्य) और दयालुता है, किन्तु ज़ालिमों के लिए तो वह बस घाटे ही में अभिवृद्धि करता है
अश-शुअरा26:80
وَإِذَا مَرِضْتُ فَهُوَ يَشْفِينِ
और जब मैं बीमार होता हूँ, तो वही मुझे अच्छा करता है
फ़ुस्सिलत41:44
وَلَوْ جَعَلْنَٰهُ قُرْءَانًا أَعْجَمِيًّۭا لَّقَالُوا۟ لَوْلَا فُصِّلَتْ ءَايَٰتُهُۥٓ ۖ ءَا۬عْجَمِىٌّۭ وَعَرَبِىٌّۭ ۗ قُلْ هُوَ لِلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ هُدًۭى وَشِفَآءٌۭ ۖ وَٱلَّذِينَ لَا يُؤْمِنُونَ فِىٓ ءَاذَانِهِمْ وَقْرٌۭ وَهُوَ عَلَيْهِمْ عَمًى ۚ أُو۟لَٰٓئِكَ يُنَادَوْنَ مِن مَّكَانٍۭ بَعِيدٍۢ
यदि हम उसे ग़ैर अरबी क़ुरआन बनाते तो वे कहते कि "उसकी आयतें क्यों नहीं (हमारी भाषा में) खोलकर बयान की गई? यह क्या कि वाणी तो ग़ैर अरबी है और व्यक्ति अरबी?" कहो, "वह उन लोगों के लिए जो ईमान लाए मार्गदर्शन और आरोग्य है, किन्तु जो लोग ईमान नहीं ला रहे है उनके कानों में बोझ है और वह (क़ुरआन) उनके लिए अन्धापन (सिद्ध हो रहा) है, वे ऐसे है जिनको किसी दूर के स्थान से पुकारा जा रहा हो।"
शिफ़ा की आयतें छह आयतों का एक परंपरागत समूह हैं जो शिफ़ा की बात करती हैं: अत-तौबा 9:14, यूनुस 10:57, अन-नहल 16:69, अल-इसरा 17:82, अश-शुअरा 26:80, और फ़ुस्सिलत 41:44। उन्हें इकट्ठा किया गया है ताकि साथ पढ़ी जा सकें। वे तीन क़ुल की तरह पैगंबर की बताई हुई सूची नहीं हैं।
अरबी और अनुवाद, आपके चुने हुए क़ारी के साथ क्रम से चलाए जाते हैं।
सामान्य प्रश्न
- शिफ़ा की छह आयतें कौन सी हैं?
- आम समूह कुरान 9:14, 10:57, 16:69, 17:82, 26:80, और 41:44 है। हर एक शिफ़ा, इलाज, या अल्लाह को शिफ़ा देने वाले के रूप में बताने वाले शब्द इस्तेमाल करती है।
- क्या शिफ़ा की आयतें किसी हदीस से हैं?
- वे उन आयतों का बाद का समूह हैं जो शिफ़ा का ज़िक्र करती हैं। आयत अल-कुर्सी या तीन क़ुल के उलट, वे ऐसा समूह नहीं हैं जिसके बारे में सहीह हदीस में यह बताया गया हो कि पैगंबर ने उन्हें एक साथ पढ़ा।